ANKIT KA PATHSHALA

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Saturday, March 20, 2021

फ़ोन क्या है?फोन का आविष्कार किसने की और कब हुआ?

 

फ़ोन क्या है?



फोन एक ऐसा यंत्र है जिसके माध्यम से दो व्यक्ति एक दूसरे से दूर होते हुए भी आपस में बात कर सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति दुनिया के एक कोने में और दूसरा व्यक्ति दुनिया के दूसरे कोने में भी बैठा है तो वह फोन के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े रह सकते हैं.

वैसे तो फोन कई प्रकार के होते हैं लेकिन टेलीफोन के आविष्कार के बाद उसे छोटे आकार में बदलने और अधिक तकनीकी व फीचर्स के साथ पेश करने की सोच ने ही ‘फोन‘ को जन्म दिया. फ़ोन टेलीफोन से साइज में काफी छोटे होते है और व्यक्ति इन्हें साथ मे लेकर भी ट्रेवल कर सकता हैं.

फोन भी टेलीफोन की तरह एक प्रकार का कम्युनिकेशन डिवाइस होता है जिसके माध्यम से दो व्यक्ति आपस में बात कर सकते हैं. फोन के माध्यम से दो या दो से अधिक व्यक्ति एक दूसरे से दूर होते हुए भी वर्चुअली बात कर सकते हैं.

फोन एक ऐसा यंत्र होता है जो किसी भी प्रकार की आवाज मुख्य रूप से मानवीय आवाज (Human Voice) को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स में कन्वर्ट करता है जो केबल या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंग जैसे माध्यमो से दूसरे व्यक्ति तक पहुचती है और दूसरा व्यक्ति पहले व्यक्ति को सुन पाता हैं.

मोबाइल फोन का आविष्कार किसने किया?



मोबाइल फोन का आविष्कार मार्टिन कूपर ने किया था. आज के समय में हमारे हाथों में उंगलियों के इशारों पर चलने वाले टच-स्क्रीन स्मार्टफ़ोन्स मौजूद हैं जिनमे हजारो फीचर्स मौजूद हैं.

फोन इंडस्ट्री को इस स्तर तक पहचाने के पीछे लाखों इंजीनियर विद्वानों और वैज्ञानिकों का हाथ है लेकिन यह सब इसलिए ही शुरू हो पाया क्योंकि एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया और उसके बाद विद्वानों ने इसे और भी छोटा और एडवांस बनाने की कोशिश की.

टेलीफोन के आविष्कार के बाद से ही इसे और भी ज्यादा आधुनिक और पोर्टेबल बनाने की कोशिश की जा रही थी. कई कंपनियों और विद्वान इस क्षेत्र में काम कर रहे थे लेकिन मोटरोला के इंजीनियर मार्टिन कूपर में सबसे पहले जीत हासिल की.

दुनिया के पहले फोन का आविष्कार करने वाले व्यक्ति मार्टिन कूपर ही थे जिन्होंने साल 1970 में मोटोरोला को जॉइन किया था. मार्टिन एक अमेरिकी थे जिन्हें टेलीकॉम इंडस्ट्री में काफी रूचि थी. मार्टिन कूपर वायरलेस तकनीक पर काम कर रहे थे. वह इस तकनीकी का उपयोग करते हुए एक टेलीफोन जैसा उपकरण बनाना चाहते थे जिसमे कोई केबल ना हो.

आखिरकार मार्टिन में दुनिया के पहले फोन का आविष्कार किया जिसका वजन 1.1 किलोग्राम था और एक बार बार चार्ज करने के बाद इस फ़ोन से 30 मिनट तक कॉलीन्ग की जा सकती थी. इस फ़ोन को चार्ज होने में 10 घण्टे लगते थे. दुनिया के इस पहले फोन की कीमत 2700 अमेरिकी डॉलर यानी कि करीब 2 लाख रुपये थी.

दुनिया के पहले फोन का आविष्कार कब हुआ?

सन 1876 में एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया था. Guglielmo Marconi ने 1890 के दशक में वायरलेस टेक्नोलॉजी को सिद्धांतो के साथ इंट्रोड्यूस किया था. इसके बाद दोनों ही क्षेत्रों में कई विद्वान काम करने लगे.

इनमें से कुछ ऐसे भी थे जो इन दोनों तकनीकी को मिलाकर एक ऐसा यंत्र बनाना चाहते थे जिससे बिना किसी केबल के दो या दो से अधिक व्यक्ति आपस में बात कर सकें. वायरलेस तकनीकी में रुचि रखने वाले मार्टिन कूपर ने 1970 में मोटोरोला कम्पनी को एक इंजीनियर के तौर ओर जॉइन किया और साल 1973 में उन्होंने पहले फोन का आविष्कार किया. एक ध्यान देने वाली और रोचक बात यह भी हैं की दुनिया का पहला फ़ोन मोटोरोला का था.




at March 20, 2021
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Friday, March 19, 2021

पेन क्या होता है? पेन का आविष्कार किसने और कब किया?

पेन Pen क्या होता है?



 पेन Pen एक प्रकार का ऐसा उपकरण होता है जिसका उपयोग स्याही (Ink) को कागज पर उतारने के लिए किया जाता हैं.  इसके मदद से हम कोई भी समान सतह जैसे की पेपर, कपडे इत्यादि में लिख सकते हैं.

इस सवाल का जवाब हम सभी को याद हैं. पेन का उपयोग हम रोजाना करते हैं. चाहे हम स्कूल में कुछ नोट कर रहे हो, कॉलेज में लेक्चर के दौरान अपनी नोटबुक के आखिरी पेज पर चित्र बना रहे हो या फिर घर पर बाजार से लाने वाले सामानों की लिस्ट बना रहे हो.पेन के आगे की तरफ एक नुकीली नौक होती है जिसमे एक काफी छोटा छेद होता हैं. यह छेद पेन के अंदर भरी हुई श्याही को कागज पर उतारने के काम करता हैं.

अगर जेल पेन हो तो अंदर भरी श्याही को कागज में उतारने के बाद सूखने में थोड़ा समय लगता है और बॉल पेन हो तो श्याही तुरन्त सुख जाती हैं. वही श्याही भरने वाला पेन (Fountain Pen) हो तो उसे कागज में उतारने के बाद सुखने में थोड़ा अधिक समय लगता हैं.

वर्तमान में हम बॉलपॉइंट पेन, रोलरबॉल पेन, फाउंटेन पेन, फेल्ट टिप पेन, जेल पेन और डिजिटल प्रोडक्ट्स जैसे कि टेबलेट, स्मार्टफोन्स और टच स्क्रीन लैपटॉप के लिए स्टाइलस का प्रयोग करते हैं. यह आज के समय मे उपयोग किये जाने वाले सामान्य पेन हैं लेकिन इनसे पहले लिखने के लिए डीप पेन, इंक ब्रश पेन, क्वील और रीढ़ पेन आदि का इस्तेमाल किया जाता था.

इस प्रकार के ऐतिहासिक पेनो को श्याही में डुबाकर कागज या फिर कपड़ो पर उतारा जाता हैं. कुछ संस्कृतियों में बड़े पत्तो जैसे कि गन्ने के पत्तो पर भी लिखने की प्रथा थी. क्विल एक प्रकार का पंखकोटा था जिसे श्याही में डुबाया जाता था और बाद में उस श्याही को कागज में उतारा जाता था.

वही रीड पेन रिड या फिर बम्बू आदि को काटकर बनाया जाने वाला एक शार्प पेन होता था. इंक बुश एक बड़ा पेन होता था जो पीछे से काफी मोटा और खोखला होता था. इस मोटे और खोखले हिस्से में श्याही भरी जाती थी. यह एक ट्रेडिशनल पेन भी था जो आज भी कई जगहों ओर मिल जाता हैं. इसके बाद डीप पेन की शुरुआत हुई जिसमें श्याही भरी जाती थी और बाद में उस श्याही को कागज ओर उतारा जाता था.

पेन का आविष्कार किसने और कब किया?



किसी भी अन्य महान आविष्कार की तरह पेन के आविष्कार का श्रेय भी किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता. आधुनिक पेन की शुरुआत फाउंटेन पेन का आविष्कार से हुई थी जिसका श्रेय फ्रेंच इन्वेंटर Petrache Poenaru (पेट्राचे पोएनरु) को जाता हैं.

लेकिन क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार को माना जाता है. बॉल पॉइंट पेन आविष्कार का श्रेय 2 व्यक्तियों को दिया जाता हैं जिनमे से पहला नाम John J. Loud (जॉन जैकब लाउड) था और दूसरा नाम László Bíró हैं. लेकिन बॉलपॉइंट पेन (बॉल पेन) के आविष्कार का श्रेय मुख्य रूप से जॉन जैकब लाउड को दिया जाता है.

अगर इस सवाल का कोई सटीक जवाब मांगा जाए तो जवाब देना थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि आधुनिक पेन यानी कि फाउंटेन पेन और बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार से पहले भी लोग लेखन कार्य किया करते थे.

लेकिन अगर हम आधुनिक पेन का आविष्कार की बात करें तो जॉन जैकब लाउड ने 1988 में बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार किया. फाउंटेन पेन का आविष्कार के लिए फ्रेंच इन्वेंटर Petrache Poenaru को पेटेंट प्राप्त हैं. उन्होंने 25 मई 1857 को फाउंटेन पेन का आविष्कार किया था. आज हमारे पास जो आधुनिक पेन है वो इन आविष्कारों की वजह से ही सम्भव हो पाए हैं.


at March 19, 2021
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Thursday, March 18, 2021

Blog या Website क्या है? इतिहास और निमार्ण?


Blog या Website क्या है?



Blog एक प्रकार के व्यक्तिगत (वेबसाइट) होते हैं, जिन्हें दैनिक डायरी की तरह लिखा जाता है। हर Blog में कुछ लेख, फोटो और बाहरी कड़ियाँ होती हैं। इनके विषय सामान्य भी हो सकते हैं और विशेष भी। Blog लिखने वाले को Blogger (ब्लॉगर) तथा इस कार्य को Blogging अथवा (ब्लॉगिंग) कहा जाता है। कई Blog किसी खास विषय से संबंधित होते हैं, व उस विषय से जुड़े समाचार, जानकारी या विचार आदि उपलब्ध कराते हैं। एक Blog में उस विषय से जुड़े पाठ, चित्र/मीडिया व अन्य Blog के लिंक्स मिल सकते हैं। चिट्ठों में पाठकों को अपनी टीका-टिप्पणियां देने की क्षमता उन्हें एक संवादात्मक (इंटरैक्टिव) प्रारूप प्रदन प्रदान करती है। अधिकतर blog मुख्य तौर पर पाठ रूप में होते हैं, हालांकि कुछ कलाओं (आर्ट ब्लॉग्स), छायाचित्रों (फोटोग्राफ़ी ब्लॉग्स), वीडियो, संगीत (एमपी३ ब्लॉग्स) एवं ऑडियो (पॉडकास्टिंग) पर केन्द्रित भी होते हैं।

इतिहास

सर्वप्रथम 17 दिसम्बर 1997 को जोर्न बर्गर द्वारा "वेबलॉग" (weblog) शब्द का इस्तेमाल किया गया था। इसके लघु रूप "ब्लॉग" (blog) का इस्तेमाल पीटर मरहोल्ज़ ने किया था। उन्होंने इस शब्द को मज़ाक में अपने ब्लॉग "पीटर मी डॉट कॉम" के साइडबार पर अप्रैल या मई 1999 में इस्तेमाल किया था। इसके थोड़े समय बाद ही इवान विलियम्स ने पैरा लैब्स में "ब्लॉग" शब्द का संज्ञा और क्रिया (to blog, अर्थात पोस्ट लिखना या पोस्ट करना) हेतु किया। इसी के साथ "ब्लॉगर" उत्पाद की शुरुआत हुई और इसी के साथ इसे प्रसिद्धि प्राप्त होनी शुरू हुई।

ब्लॉग निर्माण

Blog बनाने के कई तरीके होते हैं, जिनमें सबसे सरल तरीका है,  किसी Blog वेसाइट जैसे Blogspot या Wardpress जैसे स्थलों में से किसी एक पर खाता खोल कर लिखना शुरू करना। एक अन्य प्रकार की Blog Small Blog कहलाती है। इसमें बडे़ आकार के पोस्ट्स भी होते हैं।

यह जानकारी आपको कैसा लगा करके जरूर बताएं धन्यवाद


at March 18, 2021
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Android क्या है? इसका अविष्कार किसने और कब किया?


Android क्या है?



Android एक Operating system  है जो कि Linux Kernel  पर अधारित है जिसे Google द्वारा Develop  किया गया है Linux एक Open source और Free Operating system है जिसमें बहुत सारे Modifications यानि परिवर्तन करक Android को तैयार किया गया है.

Linux OS का इस्तेमाल server और Desktop Computers मे होता है.

इसलिए Android को खास करके Touch screen mobile devices जैसे Smartphone और Tablets के लिए बनाया गया है ताकि जो Function और Application हम एक Computer मे इसतेमाल करते हैं उसे आसानी से अपने Mobile में भी उपयोग कर सकते हैं.


Android का अविष्कार किसने और कब किया? 



Android की सुरूआत साल 2003 में Android Inc. के निर्माता Andy Rubin ने की थी जिसे साल 2005 में Google ने इस कंपनी को खरीद लिया था.उसके बाद Andy Rubin को ही Android OS Development का हैड बना दिया था. Android को Officially 2007 में Google द्वारा लांंच किया गया था.

साल 2008 में HTC Dreem को Market में Lounch किया गया था जो कि Android OS पे चलने वाला पहला Smartphone था.

साल 2013 में Andy Rubinने Google को किसी Project के कारण छोड़ दिया. उसके बाद Sundar Pichai को Android OS का हैड नियुक्त किया गया था Sundar Pichai के नेतृत्व में आज Android सफलता के शिखर पर बढता चला जा रहा है.

मेरे द्वारा दी गई जानकारी आपको कैसा लगा Comment करके जरूर बताएं धन्यवाद.


at March 18, 2021
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Tuesday, March 9, 2021

पेपल क्या है? PayPal की स्थापना कब हुई और किसने की थी?

 

पेपल क्या है? What is PayPal? 



PayPal एक Popular American Company है. यह विश्वभर में एक online payment service चलाती है. यह एक साधारण व्यक्ति या फिर एक व्यापारी को electronic तरीके से funds को transfer और receive करने की अनुमति देता है.

यह एक बहुत ही बढ़िया विकल्प है traditional paper methods जैसे की checks and money orders, जिन्हें लोग पहले इस्तमाल किया करते थे.

PayPal के जरिये कोई भी व्यापारी आसान और सुरक्षित तरीके से अपने पैसे को पुरे विश्व में कहीं भी transfer कर सकता है.

PayPal की स्थापना कब हुई और किसने की थी?

PayPal की स्थापना December 1998 में Confinity नामक एक company के तोर पर हुई थी. उस समय ये handheld devices के लिए security software develop किया करती थी.




PayPal के चार  Founders हैं Max Levchin, Peter Thiel, Luke Nosek, और Ken Howery. PayPal साल 1998 में स्थापित हुआ और कुछ सालों के बाद उसे eBay कंपनी ने खरीद लिया. 



at March 09, 2021
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Sunday, March 7, 2021

व्हाट्सएप क्या है? इसका अविष्कार किसने और कब किया?


व्हाट्सएप क्या है?



 व्हाट्सएप एक app है इसका नाम what’s up के वाक्यांश का ही खेल है. यह इसी काम के लिए बना भी है. इसका उपयोग लोग एक दूसरे का हाल पूछने में करते हैं। साथ में यह हमे msg, File,video, photo ,video calling, voice calling की सुविधा मुफ्त में देता है। यह कॉल और message के साथ ही भरोसे मंद सुविधा प्रदान करता है.

यह मोबाइल डिवाइस में रन करता है। लेकिन अब यह डेस्कटॉप Computer के लिए भी उपलब्ध है जिसको यूज़ करने के लिए मोबाइल से इंटरनेट कनेक्ट होना चाहिए.

दुनियाभर में तकरीबन 182 देशों में 2 अरब से ज्यादा लोग अपने दोस्तों रिश्तेदारों से संपर्क करने के लिए इसका प्रयोग करते हैं. यह app सबसे पहले app store में iPhone के लिए लांच किया गया था। फिर बाद में इसको ios एंड्रॉयड के लिए 2010 में लांच किया गया.

2010 में ही एप्प के owner ने इसमें location शेयरिंग का फीचर embed किया। इसके बाद 2011 में इन्होंने group चैट का ऑप्शन दिया इसके बाद तो मानो व्हाट्सएप की निकल पड़ी।

1 बिलियन sms एक दिन में जिसने व्हाट्सएप को सबसे तेज और लोगप्रिय बना दिया। इसके बाद से लगातार यह ऐप कीर्तिमान बनाता जा रहा है। 2014 में इसके इनके मालिको से Facebook ने 19 बिलियन डॉलर में खरीद लिया.

व्हाट्सएप का अविष्कार किसने और कब किया? 



दोस्तो जैसे कि हम सब जानते हैं कि, व्हाट्सएप एक मैसेजिंग एप्प है। जो हमे एक दूसरे से चैटिंग, वीडियो कॉलिंग, फ़ाइल, फोटो और डाक्यूमेंट् भेजने में हमारी फ्री में सहायता करता है। जिससे आज यह सभी का मनपसंद मैसेंजर भी है.

इसकी खोज 2009 में दो दोस्तों ने Brain Acton और Jan koum ने किया था। दोनों इसके पहले yahoo जो कि एक (सर्च इंजन है) में एम्प्लाइ थे.

at March 07, 2021
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Friday, March 5, 2021

डिजिटल मार्केटिंग क्या है (What is Digital Marketing in Hindi)

 

डिजिटल मार्केटिंग क्या है



Digital marketing दो शब्दों का समाहार है Digital और Marketing, यहाँ पर Digital का संपर्क Internet से है और Marketing का सम्बन्ध विज्ञापन से है. मेरे कहने का तात्पर्य यह है की ये एक ऐसा जरिया है जिसमें की Companies अपने Products की Marketing electronic media के द्वारा करती है, जो की traditional तरीके से काफी अलग है. यहाँ Digital Marketers को अलग अलग marketing campaigns तैयार कर उसे किसी Company की Product को sell करने में experiment करना होता है. उन्हें इन marketing campaigns को analyze करना होता है की कैसे चीज़ों को लोग ज्यादा पसंद करते हैं और किन्हें नहीं.

उन्हें ये भी देखना होता है की किसी प्रकार के चीज़ों को लोग ज्यादा देखते हैं, क्या उनके attention को अपने तरफ ज्यादा आकर्षित करती है, और किन चीज़ों को देखकर वो चीज़ों को खरीदते हैं. इन digital campaingn को करने के लिए वो mobile messages, mobile apps, podcasts, electronic billboards और radio channels जैसे दुसरे digital माध्यम का इस्तमाल करते हैं.

तो मेरे कहने का ये मतलब है की ये Digital Marketing एक बड़े umbrella के सामान है जिसके भीतर हमारी सारी Online efforts समा जाती है. इस Digital Business में मुख्य रूप से Google Search, Social Media, email और दुसरे Websites का इस्तमाल किया जाता है, ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ने के लिए. एक reality की बात यह है की पहले समय के मुकाबले आजकल लोग सबसे ज्यादा समय online ही व्यतीत करते हैं. इसीलिए अभी का business model भी काफी हद तक बदल गया है, इसलिए अब Offline Marketing का लोग ज्यादा इस्तमाल नहीं कर रहे है बल्कि अब Online Marketing ज्यादा कारगर सिद्ध हो रहा है. क्यूंकि अब तो Marketing का सही माईने ये है की सही Audience से सही जगह में और सही समय में Connect करना ही इसका उचित मतलब है. इसलिए आपको ये सोचना होगा की आप इन लोगों से कहाँ मिल सकते हैं जिससे आप अपना business बढ़ा सकते हैं. और इसका जवाब है online.

Digital Marketing के मुख्य Assets और Tactics क्या हैं?



यहाँ पर हम Digital Marketing के कुछ ऐसे assets और tactics के बारे में जानेंगे जिन्हें आप शायद जानते भी हों.
Digital Marketing के Assets

  • आपकी website
  • आपके Blog posts
  • Ebooks और whitepapers
  • Infographics
  • Interactive tools
  • Social media channels (Facebook, LinkedIn, Twitter, Instagram, etc.)
  • Earned online coverage (PR, social media, और reviews)
  • Online brochures और lookbooks
  • Branding assets (logos, fonts, etc.) 
  • Digital Marketing के Tactics

  • Search Engine Optimization (SEO)
  • Content Marketing
  • Social Media Marketing
  • Affiliate Marketing
  • Email Marketing
at March 05, 2021
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याहू क्या है? Yahoo का अविष्कार कब और किसने किया?

 

याहू क्या है? 



Yahoo का full form होता है “Yet Another Hierarchical Officious Oracle “.Yahoo एक Search Engine है जिस पर आप कुछ भी सर्च कर सकते है. याहू को 1995 में लांच किया गया था और आज Yahoo, Google और Bing के बाद सबसे ज्यादा search किया जाने वाला Search Engine है. Yahoo को आप Search Engine से ज्यादा एक directory मान सकते है, क्योंकि याहू सर्च के अलावा अपने यूजर्स को 40 से अधिक सेवाएं देता है.

याहू पर आप Calendar, News, Images, Finance, Gadget, Real State, Yahoo Mail, Music, Sports, Movies आदि सभी के बारे में जानकारी हासिल कर सकते है. Gmail की तरह याहू की भी एक मेल एर्विस है जिसे Yahoo Mail कहा जाता है. याहू अपनी Question-Answer सर्विस के लिए लोगों में काफी लोकप्रिय हुआ है.

Yahoo का अविष्कार कब और किसने किया?


Yahoo की शुरुआत 1994 में स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दो स्टूडेंट जेरी यांग (Jerry Yang) और डेविड फिलो (David Filo) ने बनाया था और एक साल बाद यानी 1995 में इए याहू के नाम से लांच किया गया था. याहू ने सबसे पहले एक कमर्शियल Website लांच की जिसमे न्यूज़ के माध्यम से खबर और विज्ञापन चलते थे.


 

कुछ ही सालों में Internet सर्फिंग वाले लोगों के लिए याहू सबसे बेहतर ठिकाना था. लोग याहू पर ही सब कुछ सर्च किया करते थे. याहू कम्पनी का मुख्य ऑफिस कैलीफोर्निया में है. याहू का पूरा नाम “Yet Another Hierarchical Officious Oracle” है. पहले याहू का नाम “Jerry’S Guide To The World Wide Web” था.




at March 05, 2021
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ईमेल क्या है ? कब और किसने अविष्कार किया? What is Email in Hindi?

 ईमेल क्या है? 


Email का Full Form होता है Electronic mail. इसे लोग e-mail, email या Electronic Mail भी कहते हैं. यह एक प्रकार का digital message होता है जिसे की एक user दुसरे user के साथ communicate करने के लिए इस्तमाल करता है. इस email में text, files, images, या कोई attachments भी हो सकता है, जिसे की network के माध्यम से किसी specific individual या group of individuals को भेजा जा सकता है.

यह email को pen और paper की जगह keyboards से type किया जाता है और Email Client के माध्यम से भेजा जाता है. Email addresses में एक custom username होता है beginning में उसके बाद email service provider का domain name, जिसमें एक @ sign होता है जिसे की दोनों को separate किया जाता है. उदाहरण के लिए : name@gmail.com

ईमेल का अविष्कार किसने और कब किया? 


क्या आप जानते है के ईमेल का आविष्कार किसने किया? दुनिया का सबसे पहला e-mail Ray Tomlinson के द्वारा सन 1971 में सबसे पहली बार भेजा गया था. Tomlinson ने उस e-mail को खुदको ही भेजा था एक test e-mail message के तोर पर, जिसमें उन्होंने कुछ text लिखे थे, जो की थे “QWERTYUIOP“. वहीँ email को अपने पास भेजने के वाबजूद ही उस e-mail message को ARPANET के माध्यम से transmit किया गया. इसीलिए उन्हें ईमेल का जन्मदाता भी कहा जाता है. वहीँ 1996 तब ज्यादा electronic mail भेजे जाते थे postal mail के जगह पर.

at March 05, 2021
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यूट्यूब क्या है? किसने बनाया और कब बना?

 यूट्यूब क्या है?



यूट्यूब अमेरिका की एक वीडियो देखने वाली वेबसाइट है, जिसमें पंजीकृत सदस्य वीडियो क्लिप देखने के साथ ही अपना वीडियो अपलोड भी कर सकते हैं। 

यूट्यूब अपने पंजीकृत सदस्यों को वीडियो अपलोड करने, देखने, शेयर करने, पसंदीदा वीडियो के रूप में जोड़ने, रिपोर्ट करने, टिप्पणी करने और दूसरे सदस्यों के चैनल की सदस्यता लेने देता है। इसमें सदस्यों से लेकर कई बड़े कंपनियों के तक वीडियो मौजूद रहते हैं। इनमें वीडियो क्लिप, टीवी कार्यक्रम, संगीत वीडियो, फिल्मों के ट्रेलर, लाइव स्ट्रीम आदि होते हैं। कुछ लोग इसे वीडियो ब्लोगिंग के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। गैर-पंजीकृत सदस्य केवल वीडियो ही देख सकते हैं, वहीं पंजीकृत सदस्य असीमित वीडियो अपलोड कर सकते हैं और वीडियो में टिप्पणी भी जोड़ सकते हैं। कुछ ऐसे वीडियो, जिसमें मानहानि, उत्पीड़न, नग्नता, अपराध करने हेतु प्रेरित करने वाले वीडियो या जो भी 18 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए घातक हो, उन्हें सिर्फ 18+ आयु के पंजीकृत सदस्य ही देख सकते हैं।

यूट्यूब अपनी कमाई गूगल एडसेंस से करता है, जो साइट के सामग्री और दर्शकों के हिसाब से अपना विज्ञापन दिखाता है। इसमें अधिकांश वीडियो मुफ्त में देखा जा सकता है, पर कुछ वीडियो को देखने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। इनमें से एक फिल्में उधार लेकर देखना भी शामिल है, जिसमें आप कुछ पैसे देकर फिल्म देख सकते हैं। यूट्यूब प्रीमियम की सदस्यता भी आप पैसे देकर ले सकते हैं, जिससे आप बिना कोई विज्ञापन के कई सारे वीडियो देख सकते हैं और साथ ही यूट्यूब प्रीमियम पर कुछ ऐसे वीडियो भी हैं, जिसे सिर्फ आप यूट्यूब प्रीमियम की सदस्यता खरीद कर ही देख सकते हैं।

जैसा कि हम जानते हैं हर चीज के बनने के पीछे कोई न कोई कारण व कहानी होती है वैसे ही यूट्यूब के बनने के पीछे भी ऐसी ही एक कहानी है. 2005 से पहले इंटरनेट पर YouTube जैसा कोई प्लेटफार्म नहीं था.

यूट्यूब का अविष्कार किसने किया? 



एक दिन PayPal के तीन कर्मचारी चाड हर्ले (Chad Hurley), स्टीव चैन (Steve Chen) एवं जावेद करीम (Jawed Karim) एक शादी में गए थे जहां उन्होंने एक वीडियो बनाई और वे इस वीडियो को दूसरे लोगों के साथ भी शेयर करना चाहते थे पर कोई वीडियो sharing platform नहीं होने के कारण वे ऐसा नहीं कर पाये.

तब ही उनके दिमाग में एक idea आया कि क्यों न वो तीनो मिलकर ही ऐसी कोई वेबसाइट बनाए जहां लोग अपनी पसंद के वीडियो दूसरे लोगों के साथ शेयर कर सके. अपने इसी idea में काम करके तीनों दोस्तों ने बड़ी मेहनत से YouTube.com बनाया जो बाद में YouTube के नाम से जाना जाने लगा.

वर्तमान समय में Youtube  के मालिक कौन है? 

इसे PayPal के तीन पूर्व कर्मचारियों, चाड हर्ले, स्टीव चैन और जावेद करीम ने मिल कर फरवरी 2005 में बनाया था, जिसे नवम्बर 2006 में Google ने 1.65 अरब अमेरिकी डॉलर में खरीद लिया।



at March 05, 2021
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कंप्यूटर क्या है और इसका अविष्कार किसने और कब किया?

 

कंप्यूटर क्या है और इसकी विशेषताएं?



कंप्यूटर एक मशीन है जो कुछ तय निर्देशों के अनुसार कार्य को संपादित करता है. यह एक ऐसा इलेक्ट्रोनिक यंत्र है, जिसे बनाया गया है जानकारी के साथ काम करने के लिए. यह शब्द Computer, Latin के शब्द “computare” से लिया गया है. इसका अर्थ है Calculation करना या गणना करना.
इसका मुख्य तोर से तीन काम है. पहला डाटा को लेना जिसे हम Input भी कहते है. दूसरा काम उस डाटा को Processing करने का होता है और आकिर काम उस processed डाटा को दिखाने का होता है जिसे Output भी कहते हैं.
Input Data →  Processing → Output Data

कंप्यूटर को हम एक ऐसा advanced इलेक्ट्रॉनिक device कह सकते हैं जो की raw data को input के तोर में User से लेता है. फिर उस data को program (set of Instruction) के द्वारा प्रोसेस करता है और आखिर के परिणाम को Output के रूप में प्रकाशित करता है. ये दोनों numerical और non numerical (arithmetic and Logical) calculation को process करता है.

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

तकनीकी रूप से कंप्यूटर का कोई फुल फॉर्म नहीं होता है. फिर भी कंप्यूटर का एक काल्पनिक फुल फॉर्म है,

C – Commonly, O – Operated, M – Machine, P – Particularly, U – Used for , T – Technical and E – Educational, R – Research

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया? 



मॉडर्न कंप्यूटर का जनक Charle Charles s Babbage को कहा जाता है. क्यूंकि उन्होंने ही Charle सबसे पहले Mechanical कंप्यूटर को डिजाईन किया था, जिसे Analytical Engine के नाम से भी जाना जाता है. इसमें Punch Card की मदद से डाटा को insert किया जाता था.

आधुनिक कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है? ऐसे तो बहुत से लोगों ने इस Computing Filed में अपना योगदान दिया है. लेकिन इन सब में से ज्यादा योगदान Charles Babbage का है. क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Analytical Engine सन 1837 में निकला था.

उनके इस engine में ALU, Basic Flow control और Integrated Memory की concept लागु की गयी थी. इसी model पे ही Base करके आजकल के कंप्यूटर को design किया गया. इसी कारन उनका योगदान सबसे ज्यादा है. तभी उनको कंप्यूटर के जनक के नाम से भी जाना जाता है.

कंप्यूटर की परिभाषा

किसी भी modern digital कंप्यूटर के कई components हैं लेकिन उन में से कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण है जैसे Input device, Output Device, CPU(Central Processing Unit), Mass Storage Device और Memory.

accepts dataInput
processes dataProcessing
produces outputOutput
stores resultsStorage


at March 05, 2021
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WWW का अविष्कार किसने और कब किया था?

 

WWW क्या है?


WWW
 का पूरा मतलब  world wide web होता है, जिसको विश्व व्यापी वेब कहते हैं. हिंदी में इंटरनेट में सभी चीजें एक दूसरे से hypertext से जुड़ी होती है. उन्हीं आपस में जुड़े hypertext दस्तावेजों को इंटरनेट से प्राप्त करने की प्रणाली को हम वर्ल्ड वाइड वेब यानी विश्व प्यापी वेब कहते है.

इंटरनेट जानकारी से भरा हुआ है सारी जानकारियां किसी न किसी वेबसाइट या वेबपेज में होती है. वेबपेज html (hypertext markup language) की भाषा मे लिखा होता है जबकि वेब source जिनमें कंटेंट वीडियो ईमेज मल्टीमीडिया आदि हो सकते.

जिन्हें ढूंढने के लिए हमें यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर्स url यूआरएल की जरूरत पड़ती है. जो कि इंटरनेट के ऊपर आपस में इंटरलिंक रहते हैं हाइपरटेक्स्ट से html syntax url (मतलब यूजर कीक़वेरी से जुड़े सर्च) से जुड़े हाइपरलिंक दिखाता है. जो यूजर को अन्य वेब रेसॉर्स वीडियो इमेज कंटेंट मल्टी मीडिया में नेविगेट करने की अनुमति देता है.

किसी भी वेबपेज को देखने के लिए वेब ब्राऊजर की जरूरत होती है वेब ब्राउज़र की सहायता से इंटरनेट पर http यानी हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल कि सहायता से किसी भी वेब रिसोर्स मतलब ईमेज, कंटेंट वीडियो मल्टीमीडिया को स्थान्तरित किया जाता है और वेबसर्वर के द्वारा पब्लिस किया जाता है.

लोगो को भ्रम है कि इंटरनेट www का पर्याय है. परंतु इस कहना गलत है. www के आने के बाद फैला हुआ इंटरनेट क्रमबद्ध हुआ है. इसके इंटरनेट से link होने के बाद ही इन्टरनेट पर करोडो लोगो का जुड़ाव हुआ है यह कह सकते हैं

WWW का अविष्कार किसने किया था?


WWW यानी world wide web वर्ल्ड वाइड वेब का अविष्कार ब्रिटिश वैज्ञानिक टिम बर्नर्स ली ने किया था.

उन्होंने 1989 में जेनेवा स्विट्जरलैंड स्थित यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संस्थान cern में कार्यरत रहते हुए किया था. जिसको तीन वर्ष बाद 1991 में अनुसंधान के बाहर अलग इंस्टिट्यूट के लिए सेवा में उतार दिया. फिर जब वेबसाइटें प्रचलन में आई तो 1993-94 में पूरी तरह उपयोग में आने लगा.

WWW का अविष्कार कब और किस देश में हुआ था?

वर्ल्ड वाइड वेब का अविष्कार 12 मार्च 1989 में हुआ था जिसे ब्रिटिश वैज्ञानिक टिम बर्नर्स ली ने बनाया.

टीम बर्नर्स ली ने 1989 में जेनेवा स्विट्जरलैंड स्थित यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संस्थान cern में कार्यरत रहते हुए किया था.

at March 05, 2021
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Thursday, March 4, 2021

गूगल का आविष्कार किसने किया और कब हुआ?

 गूगल का आविष्कार किसने किया और कब हुआ? आज के समय मे बिना इंटरनेट के दुनिया की कल्पना करना भी मुश्किल सा लगता हैं. कुछ दशकों पहले जाया जाए तो इंटरनेट नाम की किसी चीज का वजूद भी नही था और यह दुनिया की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक बन चुका हैं. आज के समय इंटरनेट इतना महत्वपूर्ण हैं कि अगर सबसे जरूरी चीजों की लिस्ट में रोटी, कपड़ा और मकान के बाद कोई चौथी चीज जोड़ी जाए तो वह हैं इंटरनेट!

आज हर क्षेत्र में इंटरनेट का बहुत बड़ा योगदान हैं. प्रौद्योगिकी का 90 प्रतिशत से भी अधिक भाग इंटरनेट पर ही टिका हैं. बड़े बड़े बिजनेस, यहां तक कि पूरे के पूरे देश भी इंटरनेट से जुड़े हुए हैं.

आज के समय मे इंटरनेट हम सभी के लिए काफी जरूरी बन गया हैं. अगर इंटरनेट ना होता तो शायद आप यह लेख भी ना पढ़ रहे होते. लेकिन आज हमारे सामने इंटरनेट का जो स्वरूप हैं वो पहले ऐसा नही था. इंटरनेट के आविष्कार के बाद भी इससे जुड़े हुए कई अविष्कार हुए जिसने इसे और भी बेहतर बनाया.

इन्ही में से एक अविष्कार था Google!



गूगल के बारे में आज सब जानते हैं. कुछ लोग इसे एक प्रौद्योगिक क्षेत्र की बड़ी कम्पनी के रूप में स्वीकार करते हैं तो कुछ लोग एक सॉफ्टवेयर कम्पनी के रूप में. गूगल कई डिजिटल क्षेत्रो में सक्रिय हैं लेकिन इसे असली पहचान इसके Surch Engenसे मिलती हैं.

आज के समय मे दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनियो में से एक 'Google‘ की शुरुआत एक सर्च इंजन के रूप में हुई
थी जो Web Pages को एनालाइज करके लोगो को उन्हें ढूंढने में मदद करता था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि
‘गूगल का आविष्कार किसने किया‘ और ‘गूगल का आविष्कार कब हुआ‘? अगर नहीं, तो इस लेख को पूरा पढ़े.

गूगल क्या है?

गूगल एक सर्च इंजन है जिसके द्वारा आप इन्टरनेट पर कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इंटरनेट की दुनिया मे सबसे बड़े अविष्कारों में से एक हैं. गूगल की शुरुआत भले ही एक सर्च इंजन के तौर पर हुई हो लेकिन आज के समय मे यह एक इंटरनेशनल कम्पनी हैं जिसमे हर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम करना चाहता हैं.

गूगल न केवल सॉफ्टवेयर की फील्ड में बल्कि हार्डवेयर की फील्ड में भी धमाल मचा रहा हैं. गूगल के पिक्सल फ़ोन, गूगल होम जैसे प्रोडक्ट्स को लोगो ने जमकर पसन्द किया हैं.

दुनिया में सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड भी गूगल का ही है और सबसे बेहतरीन पिसी ऑपरेटिंग सिस्टम में से एक ChromeOs भी गूगल का ही एक प्रोडक्ट हैं. इसके अलावा YouTube, Blogspot,

Google Assistent, Google Keep, Google Docs, Gmail और Google Suit जैसे कई लोकप्रिय प्रोडक्ट्स गूगल ने ही लॉन्च किया हैं.

सरल भाषा मे Google को समझा जाए तो यह एक मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी है जो मुख्य रूप से इंटरनेट से जुड़े सर्विस पर प्रोडक्ट्स जैसे कि ऑनलाइन एडवरटाइजिंग प्रौद्योगिकी, क्लाउड कम्प्यूटिंग, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के फील्ड में काम करती है. विकिपीडिया की मानें तो हाल ही में गूगल को विश्व के पांच सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों की लिस्ट में शामिल किया गया है. कुछ देशों को छोड़कर गूगल पूरी दुनिया में अपनी सेवाएं और प्रोडक्ट्स उपलब्ध करवाता है.

गूगल पर भारत के कनेक्शन के बारे में बात करें तो एक रोचक तथ्य यह भी है कि गूगल के वर्तमान सीईओ सुंदर पिचाई है जो गूगल की पेरेंट कम्पनी ‘एल्फाबेट’ का नेतृत्व भी करते हैं. इसके साथ ही सुंदर पिचाई गूगल के मुख्य शेयरहोल्डर्स में से एक भी हैं. 

अगर गूगल के शुरुआती प्रोडक्ट्स सर्च इंजन की बात की जाए तो यह एक ऐसा ऑनलाइन सॉफ्टवेयर या फिर कहा जाए तो टूल होता हैं जो ग्राहकों को उनकी रुचि से जुड़े हुए वेबपेज (वेबसाइट्स और ब्लॉग) एक साथ उपलब्ध कराता हैं. गूगल सर्च इंजन इस समय विश्व मे सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला सर्च इंजन है.

गूगल का आविष्कार किसने किया था?



गूगल का आविष्कार Sergey Brin और Larry Page ने मिलकर की थी. आज हमारे सामने गूगल जिस विस्तृत रूप में उसे यहाँ तक लाने के लिए इसके फाउंडर्स के न जाने कितने इंजीनियर्स और बुद्धिजीवियों का योगदान हैं.

लेकिन आज की इस मल्टीनेशनल कंपनी की शुरुआत केलिफोर्निया की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के 2 छात्रों ने एक प्रोजेक्ट के रूप में की थी. गूगल के आविष्कारकों का नाम Sergey Brin और Larry Page हैं जो आज के समय मे गूगल के सबसे बड़े शेयरहोल्डर भी हैं.

जब सर्गी ब्रिन ने और लेरी पेज ने गूगल का आविष्कार किया तब इसका नाम Googol था लेकिन स्पेलिंग मिस्टेक की वजह से यह Google बन गया जो आज के समय एक ब्रांड से कम नहीं हैं.

सर्गी ब्रीन और लैरी पेज ने विश्वप्रसिद्ध स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी के दौरान एक रिसर्च प्रोजेक्ट के तौर पर गूगल की शुरुआत की थी.

उस समय इस प्रोजेक्ट में Scott Hassan तीसरे स्थापक भी थे जिन्होंने गूगल का अधिकतर कोड टाइप किया था लेकिन गूगल को एक कम्पनी के रूप में स्थापित करने से पहले ही उन्होंने प्रोजेक्ट को छोड़ दिया.

स्कोट ने रोबोटिक्स में करियर बनाने के लिए इस प्रोजेक्ट को छोड़ा और साल 2006 में ‘Willow Garage’ नाम की एक कम्पनी की स्थापना की. इसलिए गूगल के आविष्कार में महत्वपूर्ण योगदान होते हुए भी उन्हें आधिकारिक रूप से इसका फाउंडर नही माना जाता.

गूगल का आविष्कार कब हुआ था?

लैरी पेज और सर्गी ब्रीन लम्बे समय से गूगल के ऊपर काम कर रहे थे. उन्होंने 4 सितंबर 1998 को कैलिफोर्निया में Google को एक निजी तौर पर आयोजित कंपनी के रूप में स्थापित किया. यानी कि सरल भाषा मे कहा जा सकता हैं कि गूगल का आविष्कार 4 सितम्बर 1998 को हुआ था.

at March 04, 2021
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