फ़ोन क्या है?
फोन एक ऐसा यंत्र है जिसके माध्यम से दो व्यक्ति एक दूसरे से दूर होते हुए भी आपस में बात कर सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति दुनिया के एक कोने में और दूसरा व्यक्ति दुनिया के दूसरे कोने में भी बैठा है तो वह फोन के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े रह सकते हैं.
वैसे तो फोन कई प्रकार के होते हैं लेकिन टेलीफोन के आविष्कार के बाद उसे छोटे आकार में बदलने और अधिक तकनीकी व फीचर्स के साथ पेश करने की सोच ने ही ‘फोन‘ को जन्म दिया. फ़ोन टेलीफोन से साइज में काफी छोटे होते है और व्यक्ति इन्हें साथ मे लेकर भी ट्रेवल कर सकता हैं.
फोन भी टेलीफोन की तरह एक प्रकार का कम्युनिकेशन डिवाइस होता है जिसके माध्यम से दो व्यक्ति आपस में बात कर सकते हैं. फोन के माध्यम से दो या दो से अधिक व्यक्ति एक दूसरे से दूर होते हुए भी वर्चुअली बात कर सकते हैं.
फोन एक ऐसा यंत्र होता है जो किसी भी प्रकार की आवाज मुख्य रूप से मानवीय आवाज (Human Voice) को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स में कन्वर्ट करता है जो केबल या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंग जैसे माध्यमो से दूसरे व्यक्ति तक पहुचती है और दूसरा व्यक्ति पहले व्यक्ति को सुन पाता हैं.
मोबाइल फोन का आविष्कार किसने किया?
मोबाइल फोन का आविष्कार मार्टिन कूपर ने किया था. आज के समय में हमारे हाथों में उंगलियों के इशारों पर चलने वाले टच-स्क्रीन स्मार्टफ़ोन्स मौजूद हैं जिनमे हजारो फीचर्स मौजूद हैं.
फोन इंडस्ट्री को इस स्तर तक पहचाने के पीछे लाखों इंजीनियर विद्वानों और वैज्ञानिकों का हाथ है लेकिन यह सब इसलिए ही शुरू हो पाया क्योंकि एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया और उसके बाद विद्वानों ने इसे और भी छोटा और एडवांस बनाने की कोशिश की.
टेलीफोन के आविष्कार के बाद से ही इसे और भी ज्यादा आधुनिक और पोर्टेबल बनाने की कोशिश की जा रही थी. कई कंपनियों और विद्वान इस क्षेत्र में काम कर रहे थे लेकिन मोटरोला के इंजीनियर मार्टिन कूपर में सबसे पहले जीत हासिल की.
दुनिया के पहले फोन का आविष्कार करने वाले व्यक्ति मार्टिन कूपर ही थे जिन्होंने साल 1970 में मोटोरोला को जॉइन किया था. मार्टिन एक अमेरिकी थे जिन्हें टेलीकॉम इंडस्ट्री में काफी रूचि थी. मार्टिन कूपर वायरलेस तकनीक पर काम कर रहे थे. वह इस तकनीकी का उपयोग करते हुए एक टेलीफोन जैसा उपकरण बनाना चाहते थे जिसमे कोई केबल ना हो.
आखिरकार मार्टिन में दुनिया के पहले फोन का आविष्कार किया जिसका वजन 1.1 किलोग्राम था और एक बार बार चार्ज करने के बाद इस फ़ोन से 30 मिनट तक कॉलीन्ग की जा सकती थी. इस फ़ोन को चार्ज होने में 10 घण्टे लगते थे. दुनिया के इस पहले फोन की कीमत 2700 अमेरिकी डॉलर यानी कि करीब 2 लाख रुपये थी.
दुनिया के पहले फोन का आविष्कार कब हुआ?
सन 1876 में एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया था. Guglielmo Marconi ने 1890 के दशक में वायरलेस टेक्नोलॉजी को सिद्धांतो के साथ इंट्रोड्यूस किया था. इसके बाद दोनों ही क्षेत्रों में कई विद्वान काम करने लगे.
इनमें से कुछ ऐसे भी थे जो इन दोनों तकनीकी को मिलाकर एक ऐसा यंत्र बनाना चाहते थे जिससे बिना किसी केबल के दो या दो से अधिक व्यक्ति आपस में बात कर सकें. वायरलेस तकनीकी में रुचि रखने वाले मार्टिन कूपर ने 1970 में मोटोरोला कम्पनी को एक इंजीनियर के तौर ओर जॉइन किया और साल 1973 में उन्होंने पहले फोन का आविष्कार किया. एक ध्यान देने वाली और रोचक बात यह भी हैं की दुनिया का पहला फ़ोन मोटोरोला का था.

