WWW क्या है?
इंटरनेट जानकारी से भरा हुआ है सारी जानकारियां किसी न किसी वेबसाइट या वेबपेज में होती है. वेबपेज html (hypertext markup language) की भाषा मे लिखा होता है जबकि वेब source जिनमें कंटेंट वीडियो ईमेज मल्टीमीडिया आदि हो सकते.
जिन्हें ढूंढने के लिए हमें यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर्स url यूआरएल की जरूरत पड़ती है. जो कि इंटरनेट के ऊपर आपस में इंटरलिंक रहते हैं हाइपरटेक्स्ट से html syntax url (मतलब यूजर कीक़वेरी से जुड़े सर्च) से जुड़े हाइपरलिंक दिखाता है. जो यूजर को अन्य वेब रेसॉर्स वीडियो इमेज कंटेंट मल्टी मीडिया में नेविगेट करने की अनुमति देता है.
किसी भी वेबपेज को देखने के लिए वेब ब्राऊजर की जरूरत होती है वेब ब्राउज़र की सहायता से इंटरनेट पर http यानी हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल कि सहायता से किसी भी वेब रिसोर्स मतलब ईमेज, कंटेंट वीडियो मल्टीमीडिया को स्थान्तरित किया जाता है और वेबसर्वर के द्वारा पब्लिस किया जाता है.
लोगो को भ्रम है कि इंटरनेट www का पर्याय है. परंतु इस कहना गलत है. www के आने के बाद फैला हुआ इंटरनेट क्रमबद्ध हुआ है. इसके इंटरनेट से link होने के बाद ही इन्टरनेट पर करोडो लोगो का जुड़ाव हुआ है यह कह सकते हैं
WWW का अविष्कार किसने किया था?
उन्होंने 1989 में जेनेवा स्विट्जरलैंड स्थित यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संस्थान cern में कार्यरत रहते हुए किया था. जिसको तीन वर्ष बाद 1991 में अनुसंधान के बाहर अलग इंस्टिट्यूट के लिए सेवा में उतार दिया. फिर जब वेबसाइटें प्रचलन में आई तो 1993-94 में पूरी तरह उपयोग में आने लगा.
WWW का अविष्कार कब और किस देश में हुआ था?
वर्ल्ड वाइड वेब का अविष्कार 12 मार्च 1989 में हुआ था जिसे ब्रिटिश वैज्ञानिक टिम बर्नर्स ली ने बनाया.
टीम बर्नर्स ली ने 1989 में जेनेवा स्विट्जरलैंड स्थित यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संस्थान cern में कार्यरत रहते हुए किया था.

