ANKIT KA PATHSHALA

This blog provide Digital Education knowledge

Saturday, April 3, 2021

बल्ब क्या है? बिजली के बल्ब का आविष्कार किसने और कब किया था?

 

बल्ब क्या है?



बल्ब असल में ऐसा उपकरण है जो की रौशनी प्रदान करता है यदि उसे विद्युत से जोड़ दिया जाये तब. अब आपको current जहाँ जहाँ भी मिलेगी वहीँ आप इस बल्ब का इस्तमाल कर सकते हैं. बल्ब में एक तर होता है और जब उसके माध्यम से विद्युत प्रवाह किया जाता है तब वो गरम हो जाता है और रौशनी प्रदान करता है.

बिजली के बल्ब का आविष्कार किसने किया था?



बल्ब का आविष्कार थॉमस ऐल्वा एडीसन जी ने किया था. एडीसन उस समय के एक जाने माने वैज्ञानिक थे.

लाइट बल्ब का आविष्कार कब हुआ था?

बल्ब का आविष्कार सन 1879 में किया गया था.

at April 03, 2021
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

टेलीविजन क्या है? टेलीविजन का आविष्कार किसने और कब किया था?

 

टेलीविजन क्या है?



टेलीविजन को हम सभी सामान्यतः एक डिवाइज के रूप में जानते हैं जिसमे हम विभिन्न चैनल्स पर धारावाहिक, फिल्मे, खबरे, रिएलिटी शो और एजुकेशन कंटेंट आदि देख सकते हैं. काफी सारे लोग Televison को Tele और Telly के नाम से भी जानते हैं.

अगर थोड़ी तकनीकी भाषा मे टेलीविजन को समझा जाये तो ‘टेलीविजन एक टेलीकम्युनिकेशन मीडियम डिवाइज हैं जिसका उपयोग तस्वीरों और चलचित्रों (Videos) के साउंड सहित ट्रांसमिशन में किया जाता हैं. टेलीविजन तकनीकी सेटेलाइट और रेडियो तकनीकी पर आधारित हैं.

Television को एडवरटाइजिंग, मनोरंजन, न्यूज़ और स्पोर्ट्स को लोगो तक पहुचाने के लिये उपयोग किया जाता हैं. रेडियो के आविष्कार के साथ ही टेलीविजन के आविष्कार की बाते होने लगी थी. लोगो को लगने लगा था की भविष्य में ध्वनि के साथ तस्वीरों को भी देखा जा सकेगा.

बड़े पर्दे पर सिनेमा देखने का मजा अब छोटी स्क्रीन पर हर घर मे लिया जा सकेगा. यह कल्पना वास्तविकता में बदली. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के विस्तार के साथ टेलीविजन का भी विस्तार होने लगा.

टेलीविजन के आविष्कार के समय कहा जाने लगा था कि अब सिनेमा बन्द हो जाएगा. ऐसा नही हुआ क्योंकि आज भी फिल्मे सिनेमाघरो में अरबो की कमाई तक करती हैं. लेकिन टेलीविजन ने अब हर घर तक सिनेमाघरो को पहुचाया हैं.

टेलीविजन के माध्यम से घर बैठे नई-पुरानी फिल्मे, लेटेस्ट खबरे, शिक्षा सम्बन्धी जानकारिया आदि प्राप्त कर सकते हैं. सेटअप बॉक्स के माध्यम से हम विभिन्न चैनल्स को एक्सेस कर सकते हैं और उन चैनल्स की श्रेणी के अनुसार कॉन्टेंट को एन्जॉय कर सकते हैं.

टेलीविजन का आविष्कार किसने किया था?



टेलीविजन का आविष्कार फिलो टेलर फर्नवर्थ सेकंड (Philo Taylor Farnsworth II) ने किया था.

कुछ सालों पहले तक हमारे सामने बड़ा सा बॉक्स आकार का टेलीविजन हुआ करता था जो कलर में तो था लेकिन क्वालिटी इतनी बेहतर नही थी. इसके बाद एलसीडी और LED आई और अब आज हमारे घरों में काफी पतले और स्मार्ट टीवी भी हैं.

इन टीवी में ऑपरेटिंग सिस्टम भी है जो कि इन्हें काफी कैपेबल बना देते हैं. लेकिन कुछ दशकों पहले टेलीविजन ऐसा नही था. यह ब्लैक एंड वाइट था और बड़े से लकड़ी के बॉक्स में आता था. शुरुआत में साइज छोटी थी और क्वालिटी कम थी.

आज हमारे सामने जो आधुनिक टेलीविजन हैं उसका श्रेय किसी एक वैज्ञानिक को नही दिया जा सकता. टेलीविजन के आविष्कार में कई वैज्ञानिकों और विद्वानों का महत्व हैं. किसी ने थ्योरी दी तो किसी ने उस पर काम करना शुरू किया तो किसी ने सफलतापूर्वक काम खत्म किया और अविष्कार क़िया. इसके बाद अन्य ने इसे आधुनिक बनाने का काम किया.

अगर आप गूगल पर ‘Who Invented Television‘ भी सर्च करते हो तो आपको एक नही बल्कि 3 नाम Philo Farnsworth, John Logie Baird और Charles Francis Jenkins देखने को मिलेंगे.

वैसे तो आधुनिक टेलीविजन का आविष्कार में कई वैज्ञानिकों का योगदान है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक टेलीविजन का आविष्कारक Philo Taylor Farnsworth II (फिलो टेलर फर्नवर्थ सेकंड) यानी कि Philo Farnsworth को माना जाता हैं. केवल 21 साल की उम्र में फ़िलो फर्नवर्थ ने टेलीविजन का अविष्कार कर दिया था.

वह एक ऐसा यंत्र तैयार करना चाहते थे जो हिलती हुई तस्वीरो (Moving Images) को कैप्चर करे और उन्हें एक कोड में बदल सके और उन्हें रेडियो किरणों (रेडियो तकनीक) का प्रयोग करते हुए दूसरे डिवाइज में ट्रांसफर कर सके. वह पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक टेलीविजन के निर्माता माने जाते हैं.

टेलीविजन के आविष्कार का श्रेय स्कॉटिश इन्वेंटर John Logie Baird को भी दिया जाता हैं जिनकी वजह से ही Philo Farnsworth एक इलेक्ट्रॉनिक टेलीविजन की कल्पना को वास्तविकता में बदल पाए.

John Logie Baird ने न केवल दुनिया को पहला सफलतापूर्वक काम करने वाले टेलीविजन सिस्टम दिया था बल्कि उन्होंने ही पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित रंगीन टेलीविज़न प्रणाली का भी आविष्कार किया. इस वजह से उन्हें टेलीविजन का जनक भी कहा जाता हैं. अतः टेलीविजन का अविष्कार John Logie Baird ने किया था.

टेलीविजन का अविष्कार कब हुआ?

रेडियो के आविष्कार के बाद से ही वैज्ञानिकों और विद्वानों ने टेलीविजन की कल्पना शुरू कर दी थी. विद्वानों के जहन में यह बात पहले से थी कि अगर एक कोड में तस्वीरों को एक साथ बनाया जाए और उन्हें तेजी से बदला जाए तो वह चल चित्र बनेगी. यानी कि तस्वीरे असल जिंदगी जैसी लगने लगेगी. कुल मिलाकर इस तरह से तस्वीरों से वीडियोज बनाई जा सकेगी. लेकिन इसकव स्क्रीन में कैसे उतारा जाए, यही समस्या थी.

शुरुआत में छोटी स्क्रीन्स पर इसे उतारा गया और बाद में यह बड़ी स्क्रीन्स तक गयी. सिनेमा का अविष्कार हुआ और लोगो ने इस तकनीकी का फायदा उठाया.

पहले मेकेनिकल टेलीविजन का अविष्कार John Logie Baird ने किया था. जे एल बेयर्ड 25 मार्च 1925 को अपने यंत्र से तस्वीरों को गति में लाकर लन्दन के एक डिपार्टमेंट स्टोर में टेलीविजन को लोगो को सामने लाये. यह एक मेकेनिकल टेलीविजन था. इसके बाद फर्नवर्थ ने 7 सितम्बर 1927 को इलेक्ट्रॉनिक टेलीविजन का अविष्कार किया.

at April 03, 2021
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

Saturday, March 20, 2021

फ़ोन क्या है?फोन का आविष्कार किसने की और कब हुआ?

 

फ़ोन क्या है?



फोन एक ऐसा यंत्र है जिसके माध्यम से दो व्यक्ति एक दूसरे से दूर होते हुए भी आपस में बात कर सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति दुनिया के एक कोने में और दूसरा व्यक्ति दुनिया के दूसरे कोने में भी बैठा है तो वह फोन के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े रह सकते हैं.

वैसे तो फोन कई प्रकार के होते हैं लेकिन टेलीफोन के आविष्कार के बाद उसे छोटे आकार में बदलने और अधिक तकनीकी व फीचर्स के साथ पेश करने की सोच ने ही ‘फोन‘ को जन्म दिया. फ़ोन टेलीफोन से साइज में काफी छोटे होते है और व्यक्ति इन्हें साथ मे लेकर भी ट्रेवल कर सकता हैं.

फोन भी टेलीफोन की तरह एक प्रकार का कम्युनिकेशन डिवाइस होता है जिसके माध्यम से दो व्यक्ति आपस में बात कर सकते हैं. फोन के माध्यम से दो या दो से अधिक व्यक्ति एक दूसरे से दूर होते हुए भी वर्चुअली बात कर सकते हैं.

फोन एक ऐसा यंत्र होता है जो किसी भी प्रकार की आवाज मुख्य रूप से मानवीय आवाज (Human Voice) को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स में कन्वर्ट करता है जो केबल या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंग जैसे माध्यमो से दूसरे व्यक्ति तक पहुचती है और दूसरा व्यक्ति पहले व्यक्ति को सुन पाता हैं.

मोबाइल फोन का आविष्कार किसने किया?



मोबाइल फोन का आविष्कार मार्टिन कूपर ने किया था. आज के समय में हमारे हाथों में उंगलियों के इशारों पर चलने वाले टच-स्क्रीन स्मार्टफ़ोन्स मौजूद हैं जिनमे हजारो फीचर्स मौजूद हैं.

फोन इंडस्ट्री को इस स्तर तक पहचाने के पीछे लाखों इंजीनियर विद्वानों और वैज्ञानिकों का हाथ है लेकिन यह सब इसलिए ही शुरू हो पाया क्योंकि एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया और उसके बाद विद्वानों ने इसे और भी छोटा और एडवांस बनाने की कोशिश की.

टेलीफोन के आविष्कार के बाद से ही इसे और भी ज्यादा आधुनिक और पोर्टेबल बनाने की कोशिश की जा रही थी. कई कंपनियों और विद्वान इस क्षेत्र में काम कर रहे थे लेकिन मोटरोला के इंजीनियर मार्टिन कूपर में सबसे पहले जीत हासिल की.

दुनिया के पहले फोन का आविष्कार करने वाले व्यक्ति मार्टिन कूपर ही थे जिन्होंने साल 1970 में मोटोरोला को जॉइन किया था. मार्टिन एक अमेरिकी थे जिन्हें टेलीकॉम इंडस्ट्री में काफी रूचि थी. मार्टिन कूपर वायरलेस तकनीक पर काम कर रहे थे. वह इस तकनीकी का उपयोग करते हुए एक टेलीफोन जैसा उपकरण बनाना चाहते थे जिसमे कोई केबल ना हो.

आखिरकार मार्टिन में दुनिया के पहले फोन का आविष्कार किया जिसका वजन 1.1 किलोग्राम था और एक बार बार चार्ज करने के बाद इस फ़ोन से 30 मिनट तक कॉलीन्ग की जा सकती थी. इस फ़ोन को चार्ज होने में 10 घण्टे लगते थे. दुनिया के इस पहले फोन की कीमत 2700 अमेरिकी डॉलर यानी कि करीब 2 लाख रुपये थी.

दुनिया के पहले फोन का आविष्कार कब हुआ?

सन 1876 में एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया था. Guglielmo Marconi ने 1890 के दशक में वायरलेस टेक्नोलॉजी को सिद्धांतो के साथ इंट्रोड्यूस किया था. इसके बाद दोनों ही क्षेत्रों में कई विद्वान काम करने लगे.

इनमें से कुछ ऐसे भी थे जो इन दोनों तकनीकी को मिलाकर एक ऐसा यंत्र बनाना चाहते थे जिससे बिना किसी केबल के दो या दो से अधिक व्यक्ति आपस में बात कर सकें. वायरलेस तकनीकी में रुचि रखने वाले मार्टिन कूपर ने 1970 में मोटोरोला कम्पनी को एक इंजीनियर के तौर ओर जॉइन किया और साल 1973 में उन्होंने पहले फोन का आविष्कार किया. एक ध्यान देने वाली और रोचक बात यह भी हैं की दुनिया का पहला फ़ोन मोटोरोला का था.




at March 20, 2021
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

Friday, March 19, 2021

पेन क्या होता है? पेन का आविष्कार किसने और कब किया?

पेन Pen क्या होता है?



 पेन Pen एक प्रकार का ऐसा उपकरण होता है जिसका उपयोग स्याही (Ink) को कागज पर उतारने के लिए किया जाता हैं.  इसके मदद से हम कोई भी समान सतह जैसे की पेपर, कपडे इत्यादि में लिख सकते हैं.

इस सवाल का जवाब हम सभी को याद हैं. पेन का उपयोग हम रोजाना करते हैं. चाहे हम स्कूल में कुछ नोट कर रहे हो, कॉलेज में लेक्चर के दौरान अपनी नोटबुक के आखिरी पेज पर चित्र बना रहे हो या फिर घर पर बाजार से लाने वाले सामानों की लिस्ट बना रहे हो.पेन के आगे की तरफ एक नुकीली नौक होती है जिसमे एक काफी छोटा छेद होता हैं. यह छेद पेन के अंदर भरी हुई श्याही को कागज पर उतारने के काम करता हैं.

अगर जेल पेन हो तो अंदर भरी श्याही को कागज में उतारने के बाद सूखने में थोड़ा समय लगता है और बॉल पेन हो तो श्याही तुरन्त सुख जाती हैं. वही श्याही भरने वाला पेन (Fountain Pen) हो तो उसे कागज में उतारने के बाद सुखने में थोड़ा अधिक समय लगता हैं.

वर्तमान में हम बॉलपॉइंट पेन, रोलरबॉल पेन, फाउंटेन पेन, फेल्ट टिप पेन, जेल पेन और डिजिटल प्रोडक्ट्स जैसे कि टेबलेट, स्मार्टफोन्स और टच स्क्रीन लैपटॉप के लिए स्टाइलस का प्रयोग करते हैं. यह आज के समय मे उपयोग किये जाने वाले सामान्य पेन हैं लेकिन इनसे पहले लिखने के लिए डीप पेन, इंक ब्रश पेन, क्वील और रीढ़ पेन आदि का इस्तेमाल किया जाता था.

इस प्रकार के ऐतिहासिक पेनो को श्याही में डुबाकर कागज या फिर कपड़ो पर उतारा जाता हैं. कुछ संस्कृतियों में बड़े पत्तो जैसे कि गन्ने के पत्तो पर भी लिखने की प्रथा थी. क्विल एक प्रकार का पंखकोटा था जिसे श्याही में डुबाया जाता था और बाद में उस श्याही को कागज में उतारा जाता था.

वही रीड पेन रिड या फिर बम्बू आदि को काटकर बनाया जाने वाला एक शार्प पेन होता था. इंक बुश एक बड़ा पेन होता था जो पीछे से काफी मोटा और खोखला होता था. इस मोटे और खोखले हिस्से में श्याही भरी जाती थी. यह एक ट्रेडिशनल पेन भी था जो आज भी कई जगहों ओर मिल जाता हैं. इसके बाद डीप पेन की शुरुआत हुई जिसमें श्याही भरी जाती थी और बाद में उस श्याही को कागज ओर उतारा जाता था.

पेन का आविष्कार किसने और कब किया?



किसी भी अन्य महान आविष्कार की तरह पेन के आविष्कार का श्रेय भी किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता. आधुनिक पेन की शुरुआत फाउंटेन पेन का आविष्कार से हुई थी जिसका श्रेय फ्रेंच इन्वेंटर Petrache Poenaru (पेट्राचे पोएनरु) को जाता हैं.

लेकिन क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार को माना जाता है. बॉल पॉइंट पेन आविष्कार का श्रेय 2 व्यक्तियों को दिया जाता हैं जिनमे से पहला नाम John J. Loud (जॉन जैकब लाउड) था और दूसरा नाम László Bíró हैं. लेकिन बॉलपॉइंट पेन (बॉल पेन) के आविष्कार का श्रेय मुख्य रूप से जॉन जैकब लाउड को दिया जाता है.

अगर इस सवाल का कोई सटीक जवाब मांगा जाए तो जवाब देना थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि आधुनिक पेन यानी कि फाउंटेन पेन और बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार से पहले भी लोग लेखन कार्य किया करते थे.

लेकिन अगर हम आधुनिक पेन का आविष्कार की बात करें तो जॉन जैकब लाउड ने 1988 में बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार किया. फाउंटेन पेन का आविष्कार के लिए फ्रेंच इन्वेंटर Petrache Poenaru को पेटेंट प्राप्त हैं. उन्होंने 25 मई 1857 को फाउंटेन पेन का आविष्कार किया था. आज हमारे पास जो आधुनिक पेन है वो इन आविष्कारों की वजह से ही सम्भव हो पाए हैं.


at March 19, 2021
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

Thursday, March 18, 2021

Blog या Website क्या है? इतिहास और निमार्ण?


Blog या Website क्या है?



Blog एक प्रकार के व्यक्तिगत (वेबसाइट) होते हैं, जिन्हें दैनिक डायरी की तरह लिखा जाता है। हर Blog में कुछ लेख, फोटो और बाहरी कड़ियाँ होती हैं। इनके विषय सामान्य भी हो सकते हैं और विशेष भी। Blog लिखने वाले को Blogger (ब्लॉगर) तथा इस कार्य को Blogging अथवा (ब्लॉगिंग) कहा जाता है। कई Blog किसी खास विषय से संबंधित होते हैं, व उस विषय से जुड़े समाचार, जानकारी या विचार आदि उपलब्ध कराते हैं। एक Blog में उस विषय से जुड़े पाठ, चित्र/मीडिया व अन्य Blog के लिंक्स मिल सकते हैं। चिट्ठों में पाठकों को अपनी टीका-टिप्पणियां देने की क्षमता उन्हें एक संवादात्मक (इंटरैक्टिव) प्रारूप प्रदन प्रदान करती है। अधिकतर blog मुख्य तौर पर पाठ रूप में होते हैं, हालांकि कुछ कलाओं (आर्ट ब्लॉग्स), छायाचित्रों (फोटोग्राफ़ी ब्लॉग्स), वीडियो, संगीत (एमपी३ ब्लॉग्स) एवं ऑडियो (पॉडकास्टिंग) पर केन्द्रित भी होते हैं।

इतिहास

सर्वप्रथम 17 दिसम्बर 1997 को जोर्न बर्गर द्वारा "वेबलॉग" (weblog) शब्द का इस्तेमाल किया गया था। इसके लघु रूप "ब्लॉग" (blog) का इस्तेमाल पीटर मरहोल्ज़ ने किया था। उन्होंने इस शब्द को मज़ाक में अपने ब्लॉग "पीटर मी डॉट कॉम" के साइडबार पर अप्रैल या मई 1999 में इस्तेमाल किया था। इसके थोड़े समय बाद ही इवान विलियम्स ने पैरा लैब्स में "ब्लॉग" शब्द का संज्ञा और क्रिया (to blog, अर्थात पोस्ट लिखना या पोस्ट करना) हेतु किया। इसी के साथ "ब्लॉगर" उत्पाद की शुरुआत हुई और इसी के साथ इसे प्रसिद्धि प्राप्त होनी शुरू हुई।

ब्लॉग निर्माण

Blog बनाने के कई तरीके होते हैं, जिनमें सबसे सरल तरीका है,  किसी Blog वेसाइट जैसे Blogspot या Wardpress जैसे स्थलों में से किसी एक पर खाता खोल कर लिखना शुरू करना। एक अन्य प्रकार की Blog Small Blog कहलाती है। इसमें बडे़ आकार के पोस्ट्स भी होते हैं।

यह जानकारी आपको कैसा लगा करके जरूर बताएं धन्यवाद


at March 18, 2021
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

Android क्या है? इसका अविष्कार किसने और कब किया?


Android क्या है?



Android एक Operating system  है जो कि Linux Kernel  पर अधारित है जिसे Google द्वारा Develop  किया गया है Linux एक Open source और Free Operating system है जिसमें बहुत सारे Modifications यानि परिवर्तन करक Android को तैयार किया गया है.

Linux OS का इस्तेमाल server और Desktop Computers मे होता है.

इसलिए Android को खास करके Touch screen mobile devices जैसे Smartphone और Tablets के लिए बनाया गया है ताकि जो Function और Application हम एक Computer मे इसतेमाल करते हैं उसे आसानी से अपने Mobile में भी उपयोग कर सकते हैं.


Android का अविष्कार किसने और कब किया? 



Android की सुरूआत साल 2003 में Android Inc. के निर्माता Andy Rubin ने की थी जिसे साल 2005 में Google ने इस कंपनी को खरीद लिया था.उसके बाद Andy Rubin को ही Android OS Development का हैड बना दिया था. Android को Officially 2007 में Google द्वारा लांंच किया गया था.

साल 2008 में HTC Dreem को Market में Lounch किया गया था जो कि Android OS पे चलने वाला पहला Smartphone था.

साल 2013 में Andy Rubinने Google को किसी Project के कारण छोड़ दिया. उसके बाद Sundar Pichai को Android OS का हैड नियुक्त किया गया था Sundar Pichai के नेतृत्व में आज Android सफलता के शिखर पर बढता चला जा रहा है.

मेरे द्वारा दी गई जानकारी आपको कैसा लगा Comment करके जरूर बताएं धन्यवाद.


at March 18, 2021
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

Tuesday, March 9, 2021

पेपल क्या है? PayPal की स्थापना कब हुई और किसने की थी?

 

पेपल क्या है? What is PayPal? 



PayPal एक Popular American Company है. यह विश्वभर में एक online payment service चलाती है. यह एक साधारण व्यक्ति या फिर एक व्यापारी को electronic तरीके से funds को transfer और receive करने की अनुमति देता है.

यह एक बहुत ही बढ़िया विकल्प है traditional paper methods जैसे की checks and money orders, जिन्हें लोग पहले इस्तमाल किया करते थे.

PayPal के जरिये कोई भी व्यापारी आसान और सुरक्षित तरीके से अपने पैसे को पुरे विश्व में कहीं भी transfer कर सकता है.

PayPal की स्थापना कब हुई और किसने की थी?

PayPal की स्थापना December 1998 में Confinity नामक एक company के तोर पर हुई थी. उस समय ये handheld devices के लिए security software develop किया करती थी.




PayPal के चार  Founders हैं Max Levchin, Peter Thiel, Luke Nosek, और Ken Howery. PayPal साल 1998 में स्थापित हुआ और कुछ सालों के बाद उसे eBay कंपनी ने खरीद लिया. 



at March 09, 2021
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest
Older Posts Home
Subscribe to: Comments (Atom)

बल्ब क्या है? बिजली के बल्ब का आविष्कार किसने और कब किया था?

  बल्ब क्या है? बल्ब  असल में ऐसा उपकरण है जो की रौशनी प्रदान करता है यदि उसे विद्युत से जोड़ दिया जाये तब. अब आपको current जहाँ जहाँ भी मिले...

  • पेन क्या होता है? पेन का आविष्कार किसने और कब किया?
    पेन Pen क्या होता है?   पेन Pen   एक प्रकार का ऐसा उपकरण होता है जिसका उपयोग स्याही (Ink) को कागज पर उतारने के लिए किया जाता हैं.  इसके मदद ...
  • गूगल का आविष्कार किसने किया और कब हुआ?
      गूगल का आविष्कार किसने किया और कब हुआ ? आज के समय मे बिना इंटरनेट के दुनिया की कल्पना करना भी मुश्किल सा लगता हैं. कुछ दशकों पहले जाया जाए...
  • बल्ब क्या है? बिजली के बल्ब का आविष्कार किसने और कब किया था?
      बल्ब क्या है? बल्ब  असल में ऐसा उपकरण है जो की रौशनी प्रदान करता है यदि उसे विद्युत से जोड़ दिया जाये तब. अब आपको current जहाँ जहाँ भी मिले...

Search This Blog

Ankitkapathshala

Ankitkapathshala
Store of knowledge
  • April 2021 (2)
  • March 2021 (16)
Powered By Blogger

Contact us

  • Home
  • Contact Us
  • Privecy policy
  • Disclaimer
  • Terms and conditions
  • About us

Report Abuse

Education

Digital marketing

About Me

My photo
ANKIT KA PATHSHALA
View my complete profile

Technology

Blog

Simple theme. Powered by Blogger.